बहु बेटी फरक क्यूँ….
सखी तेरी ये कहानी
क्यों करती है हर सास बेटी और बहु मैं फरक नादानी।
जब बहू जाती है मायके,
तब सास कॉल करके कहती है,
बहू कब आयेगी तू घरपे।
और
जब बेटी मायके आति है,
दस दिन रह के जाने लगती है,
तो सास अपनी बेटी को कहती है,
ओर दो, चार दिन रूक जाती बेटा|
क्यो होता है बेटी और बहू मैं फरक यहाँपे।।
जब बेटी जन्म देती है,
एक लडकी को तो सास कहती हे,
तेरे यह तो लक्ष्मी जी आयी है,
और
जब बहू जन्म देती है,
एक लडकी को तो सास कहती है,
मरती क्यो नई कलमुही लडकी को जन्म दिया है |
क्यो होता है बेटी और बहू मे फरक यहाँ पे |
जब दामाद घरमे आता है,
तब सास कहती है,
दामाद नई बेटा बनकर आया करो |
और
जब बेटा ससुराल जाने लगता है,
तब सास कहती है,
बेटा नही दामाद बनकर जाया
करो |
क्यो होता है बेटी और बहू मैं फरक याहाँ पे |
जब बेटी घर आति है,
और ससुराल की बुराईया करती है,
तो सास यह कहती है,
तुम भी उलटा जवाब दिया करो |
और
जब बहू मायके जाने लगती है,
तब सास उसको यह कहती है,
जाके हमारी बुराईया ना किया करो |
क्यो होता है बेटी और बहू मी फरक यहाँपे |
जब बेटी बार बार माय के आति है,
तब सास कहती है बेटी से,
बहोत अच्छा लागता है जब तू आति है |
और
जब बहु मायके जाने कि बात करती है,
तब सास उस को कहती है,
क्या?वहा जाके तुझे सुख मिलता है |
क्यो होता है बेटी और बहू मैं फरक यहाँ पे |
जिसदिन सारी माँ ,
अपनी बेटी को अच्छा पाठ पढायेगी,
उसदिन सारी बहुये सासुराल में अच्छे से रह पायेगी |
जैसे मेरी माँ ने बताया था,
अच्छे रहना, काम करना,
सबका मन जीत लेना…..
शीतल अभिषेक शर्मा, पुणे



