ई-पेपरकवितापश्चिम महाराष्ट्रपुणेसाहित्यगंध
मिलिंद देवरे साहेब
प्रा. दत्तात्रय खुळे (काव्यदत्त) शिक्रापूर, जि पुणे

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मिलिंद देवरे साहेब
(वर्दीतील दर्दी, दिलदार दबंग व्यक्तिमत्त्व)
मिलिंद देवरे साहेब…
मन के इतने मनमिळाऊ,
मुस्कानों से दिलों को जोड़ें,
दूर करें हर दुख की छाऊँ।
जहाँ पुकारे कोई बेबस,
वहाँ मदद बनकर वो पहुँचें;
फर्ज़ निभाते दिल से ऐसे,
मानो घर का काम ही हो कुछ।
सुख-दुःख में सबके संग खड़े,
ये उनका अपना स्वभाव है;
दूसरों के आँसू पोछना,
उनके जीवन का प्रभाव है।
वर्दी में भी दिल धड़कता,
एक दर्दी इंसान का;
कठोर दिखे पर अंदर से,
घर जैसा ही प्यार भरा
ऐसे देवरे साहेब को
सादर प्रणाम हमारा,
जो वर्दी में रहकर भी
बनते जनता का सहारा
प्रा. दत्तात्रय खुळे (काव्यदत्त)
शिक्रापूर, जि पुणे
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