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हजारों ख्वाईशे

वैशाली अंड्रस्कर ता.जि.चंद्रपूर

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हजारों ख्वाईशे

हजारों ख्वाहिशें नहीं मेरी
फिर भी लोग खुशमिजाज बोलते ।
अपनी ही धुंध में जिती हूं मगर
ये ऑंखे हैं जो चुपचाप राज खोलते ।
आंसू बहाने का भी मन नहीं अभी
पर बेजुबान बातें ही सब जानते ।
इतनीसी दर्यादिली दिखाकर कभी
कोई बीच मंझधार में लाकर छोड़ते ।
नहीं कोई अब शिकवा गिला किसी से
बस अब चलते जाना है सिधे रास्ते।
ऑंधिया हो तुफान हो कितने भी खडे
चलना हैं अब सिर्फ अपने वास्ते, अपने वास्ते ।

वैशाली अंड्रस्कर
ता.जि.चंद्रपूर
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Bindhast

कार्यालय पत्ता: मराठीचे शिलेदार प्रकाशन व बहुउद्देशीय संस्था, नागपूर क्लस्टर ४/अ ००३ कांचनगंगा टाऊनशीप, मोंढा ता.हिंगणा,जि.नागपूर संपर्क:9834739798\7385363088

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